“मुझे वह धर्म पसंद है जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सिखाता है। मैं एक समुदाय की प्रगति को उस डिग्री से मापता हूं जो महिलाओं ने हासिल की है।” 

शिक्षित बनो, संगठित रहो और उत्तेजित बनो। धर्म मनुष्य के लिए है न कि मनुष्य धर्म के लिए। मनुष्य नश्वर है, उसी तरह विचार भी नश्वर हैं। 

एक विचार को प्रचार-प्रसार की जरूरत होती है, जैसे कि एक पौधे को पानी की, नहीं तो दोनों मुरझाकर मर जाते हैं। 

"एक महान आदमी एक प्रतिष्ठित आदमी से इस तरह से अलग होता है कि वह समाज का नौकर बनने को तैयार रहता है।"

समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।  बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए। 

“मानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।” लेटेस्ट न्यूज़ से अपडेट रहने के लिए नीचे क्लिक करें -